हिमायल के जंगलों में मिलता है ये ताकतवर अंजीर, पेनकिलर के बिना शरीर के दर्द को कर दे दूर
हिमालय की अंजीर जिसे उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के लोग बेदू के नाम से भी जानते हैं। इस अंजीर लेकर हाल ही में हुई रिसर्च से पता चला है कि यह दर्द निवारक दवा जैसे एस्पिरिन और डिक्लोफेनाक का एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। वहीं पंजाब लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के रिसचर्स के मुताबिक बीते तीन साल में उन्होंने पाया कि हिमालय अंजीर में एनालजेसिक इफेक्ट होते हैं जो त्वचा से जुड़े रोग और घाव से आपको राहत दिला सकते हैं। इसके अलावा जर्नल प्लांटस में प्रकाशित लेख के मुताबिक जंगली फलों के अंदर एनाल्जेसिक प्रभाव होते हैं और विशेष रूप से इनमें दो प्रमुख घटक होते हैं Psoralen और Rutin. आपको बता दें कि प्रति एक किलो फल में 400 मिलीग्राम यह घटक होते हैं, जो कई त्वचा रोगों के उपचार में इस्तेमाल किए जाते हैं।क्या आपको अक्सर हड्डियों या जोड़ों में किसी तरह का दर्द रहता है। अगर हां तो हिमालय अंजीर आपके बेहद काम आ सकती है। रिसर्च के मुताबिक यह अंजीर आपको दर्द से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होती है। आइए जानते हैं आयुर्वेद का इस बारे में आखिर क्या कहना है।

हिमालय की अंजीर जिसे उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के लोग बेदू के नाम से भी जानते हैं। इस अंजीर लेकर हाल ही में हुई रिसर्च से पता चला है कि यह दर्द निवारक दवा जैसे एस्पिरिन और डिक्लोफेनाक का एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। वहीं पंजाब लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के रिसचर्स के मुताबिक बीते तीन साल में उन्होंने पाया कि हिमालय अंजीर में एनालजेसिक इफेक्ट होते हैं जो त्वचा से जुड़े रोग और घाव से आपको राहत दिला सकते हैं।
इसके अलावा जर्नल प्लांटस में प्रकाशित लेख के मुताबिक जंगली फलों के अंदर एनाल्जेसिक प्रभाव होते हैं और विशेष रूप से इनमें दो प्रमुख घटक होते हैं Psoralen और Rutin. आपको बता दें कि प्रति एक किलो फल में 400 मिलीग्राम यह घटक होते हैं, जो कई त्वचा रोगों के उपचार में इस्तेमाल किए जाते हैं।
हिमालय की अंजीर क्यों है फायदेमंद

फिटनेस इंफ्लूएंसर और
नूट्रिशनिस्ट जूही कपूर
के मुताबिक अंजीर के अंदर कैल्शियम और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह पोषक तत्व न केवल आपकी बोन डेंसिटी में सुधार लाते हैं। बल्कि यह आपको ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति से भी बचा कर रखते हैं।
हड्डियों के साथ पेट रखे दुरुस्त

वहीं रिसर्च के माध्यम से पता चला है कि यह पोटेशियम युक्त पदार्थ हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। वहीं अंजीर के अंदर फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जो आपकी पाचन शक्ति को लाभ देता है। इसके अलावा जूही कपूर ने अपनी इंस्टा पोस्ट में लिखा है कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो आपकी स्किन को भी बेहतर करते हैं।
रक्तचाप को सामान्य रखे

आपको बता दें कि अंजीर के अंदर पोटेशियम के साथ-साथ सोडियम भी पाया जाता है जो हमारे शरीर में रक्तचाप को सामान्य रखने का काम कर सकता है।
आयुर्वेद संस्था ने बताया इसे गुणों का भंडार

आयुर्वेदिक संस्थान रसायनम के निदेशक आयुष अग्रवाल के मुताबिक अंजीर में फाइबर और पोटेशियम मौजूद होता है, जो शरीर में सोडियम के स्तर को नियंत्रित करके रखता है। इसके अलावा इसमें मौजूद कैल्शियम और पोटेशियम के जरिए बोन डेंसिटी बेहतर होती है और हड्डियों से जुड़ी समस्या पैदा नहीं होती। साथ ही आयुष के मुताबिक हिमालयन अंजीर के अंदर मौजूद घटक चवनप्राश में भी पाए जाते हैं। जिसका सेवन भारतीय परिवारों में बेहद आम है।
अंजीर के गुणों को देखते हुए कहा जा सकता है कि भविष्य में इसका उपयोग
के तौर पर किया जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अभी इस पर कुछ अन्य रिसर्च होनी बाकी है। हो सकता है कि जल्द ही यह रिसर्च हो जाएं और हमें दर्द से राहत पाने के लिए एक नेचुरल उत्पाद देखने को मिले।
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